प्रेस विज्ञप्ति

भारत: दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए विश्व बैंक के नए उपाध्यक्ष की भारत यात्रा

2 सितम्बर, 2013



नई दिल्ली, 2 सितंबर, 2013– दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए विश्व बैंक के नए उपाध्यक्ष फिलिप ली होउएरोउ पिछले सप्ताह भारत आए और उन्होंने भारतीय नीति निर्माताओं के साथ भेंट कर देश की विकास प्राथमिकताओं को समझा। इस वर्ष जुलाई में उपाध्यक्ष बनने के बाद ली होउएरोउ की यह पहली भारत यात्रा थी।

सप्ताह भर की यात्रा के अंत में शुक्रवार को, ली होउएरोउ ने कहा कि उन्होंने वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, ग्रामीण विकास मंत्री जयराम रमेश और योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलुवालिया, वित्त मंत्रालय के आर्थिक कार्य विभाग के सचिव अरविंद मायाराम के साथ-साथ नई दिल्ली, पंजाब और उत्तर प्रदेश में वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों और नीति निर्माताओं सहित अनेक भारतीय नेताओं के सार्थक चर्चा की।

ली होउएरोउ ने कहा, ”भारत विश्व बैंक समूह का सबसे बड़ा ग्राहक है और मैं यहां यह समझने आया हूँ कि विश्व बैंक देश का कैसे बेहतर समर्थन कर सकता है क्योंकि यह अपनी उच्च वृद्धि को पुनः प्राप्त कर समृद्धि को अधिक बराबरी के साथ साझा करना चाहता है। मैंने शेष विकास अंतराल को पाटने के लिए पंजाब और उत्तर प्रदेश के गांवों में चलाई जा रही कुछ पहल देखी। भारत की चुनौतियों का स्तर असीम है तथा यहां चलाई जा रही नूतन विकास परियोजनाएं दुनिया भर के देशों के लिए मूल्यवान सबक हैं।

पाकिस्तान यात्रा के बाद वाघा सीमा के रास्ते भारत आए श्री ली होउएरोउ ने कहा कि वे दक्षिण एशिया के देशों के बीच आर्थिक एकीकरण के लिए अनेक अवसरों से प्रभावित हुए। अभी हाल तक यूरोप और सेंट्रल एशिया के लिए विश्व बैंक के उपाध्यक्ष रहे ली होउएरोउ ने कहा, “मैं यह जानकर आश्चर्यचकित रह गया कि दक्षिण एशिया में अंतरा-क्षेत्रीय व्यापार कुल व्यापार का सिर्फ 5 प्रतिशत है तथा सीमा से व्यापार करने की लागत दुनिया की सबसे अधिक लागतों में से एक है। साझा सीमाएं साझा समृद्धि ला सकती हैं और बैंक में हम अधिक व्यापार और संसाधन सहयोग के अवसरों को बढ़ाने के लिए दक्षिण एशिया के देशों की सहायता के लिए तैयार हैं।विश्व बैंक भारत और नेपाल के बीच सीमा-पार संचार परियोजना, नेपाल-भारत सीमा पर व्यापार एवं परिवहन सुगम परियोजना को समर्थन दे रहा है, तथा बिजली के आदान-प्रदान के लिए अवसरों की खोज के लिए भारत और पाकिस्तान की भी मदद कर रहा है।

उपाध्यक्ष पंजाब और उत्तर प्रदेश में विश्व बैंक की आर्थिक सहायता से चलाई जा रही अनेक परियोजनाएं भी देखने गए। अमृतसर जिले में उन्होंने ग्राम समुदायों का दौरा किया जो अपने स्वयं के मीटरों से पानी की आपूर्ति योजनाएं चला रहे हैं। यह योजनाएं विश्व बैंक की आर्थिक सहायता से पंजाब ग्रामीण जल आपूर्ति और स्वच्छता परियोजना के अन्तर्गत चलाई जा रही हैं। यह परियोजना पंजाब के 840 गांवों में स्वच्छ पीने के पानी की आपूर्ति में मदद कर रही है तथा 18 गांवों को पानी की आपूर्ति 24 घंटे लगातार हो रही है।

उत्तर प्रदेश में ली होउएरोउ आगरा जिले के सैयान खंड में आंगनबाड़ी केंद्र और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय गए जो लड़कियों के लिए आवासीय स्कूल है। इन आवासीय विद्यालयों से गरीब परिवारों के बच्चों को अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने में सहायता मिल रही है।

उपाध्यक्ष ने पुराने आगरा शहर में विरासत सैर के दौरान एतिहासिक पुराने मकान, मस्जिद और मंदिर देखे तथा निकट की कम आय वाली बस्तियां भी देखीं। विश्व बैंक और उत्तर प्रदेश की प्रस्तावित परियोजना इन विरासत क्षेत्रों के आसपास पर्यटन गतिविधियों में इन समुदायों को भागीदार बनाने के लिए चलाई जाएगी।

ली होउएरोउ ने बुलंदशहर जिले में लाखनवाला गांव और अलीगढ़ जिले में हुरसैना गांव में किसानों से मुलाकात की जिन्होंने अपने लवणीय खेतों को फिर से उपजाऊ बनाने के लिए विश्व बैंक की आर्थिक सहायता से लवणीय भूमि को पुनः उपजाऊ बनाने की परियोजना के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गई प्रौद्योगिकी का उपयोग किया। उत्तर प्रदेश में इस परियोजना के तहत 2,60,000 हेक्टेयर से अधिक लवणीय भूमि फिर से उपजाऊ बनाई गई जिससे 4,25,000 से अधिक गरीब परिवारों को अपनी आमदनी में महत्वपूर्ण वृद्धि करने में मदद मिली है।

विभिन्न स्तरों पर सरकारी अधिकारियों के साथ अपनी बैठकों के दौरान उपाध्यक्ष ने इस बात पर चर्चा की कि भारत में विश्व बैंक की आर्थिक सहायता से चलाई जा रही परियोजनाओं की गति में सुधार कैसे किया जा सकता है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि जिन लोगों के लिए यह परियोजनाएं डिजाइन की गई हैं उन्हें इनके शीघ्र और बेहतर परिणाम मिल सकें। अपनी फील्ड विजिट में सबसे पहले मैंने देखा कि प्रतिबद्ध टीम शानदार परिणाम हासिल करने के लिए कितने टिकाऊ प्रयास कर सकती है। सरकार के सर्व शिक्षा अभियान कार्यक्रम के अन्तर्गत लड़कियों के लिए अवासीय विद्यालय के मामले में यह सच है क्योंकि यह अद्भुत लवणीय भूमि को फिर से उपजाऊ बनाने जैसा है। हम गरीब समुदायों की लड़कियों को स्कूली शिक्षा उपलब्ध कराने के जरिए गरीबी से लड़ें या गरीब किसानों की भूमि की उर्वरता वापस लाने का काम करें, अंत में यह सब उन लोगों पर है जो यह काम करते हैं।

अमृतसर और आगरा शहरों में विभिन्न स्तरों पर सरकारी अधिकारियों के साथ बैठकों के दौरान उपाध्यक्ष ने शहर के अधिकारियों और विकास कार्यकताओं से विचार-विमर्श किया जिन्होंने उन्हें उन चुनौतियों की जानकारी दी जो तेजी से शहरीकरण के दौरान भारत के सामने आ रही हैं। वे दोनों शहरों के पुराने क्वार्टर्स में गए और आवासीय एवं सिविक सेवाओं को देखा जिनका सामना आज अधिकांश भारतीय शहर कर रहे हैं। ली होउएरोउ ने कहा, “ मुझे आज भारत में हो रहे व्यापक ग्रामीण से शहरी बदलाव की संक्षिप्त झलक देखने को मिली। तीव्र शहरीकरण भारत की वृद्धि, विकास और गरीबी उन्मूलन के लिए केंद्रीय बात है लेकिन हर साल अतिरिक्त 1 करोड़ शहरी निवासियों की आवश्यकताऐं पूरी करना आसान नहीं है। मुझे खुशी है कि विश्व बैंक आगामी वर्षों में भारतीय शहरों में रहन-सहन की क्षमता को सुधारने के लिए राष्ट्रीय, राज्य और शहरी सरकारों के प्रयासों के लिए समर्थन बढ़ाएगा।

ली होउएरोउ फ्रांस के नागरिक हैं और इससे पहले वे विश्व बैंक के यूरोप एवं सेंट्रल एशिया क्षेत्र के लिए उपाध्यक्ष थे। दक्षिण एशिया क्षेत्र के लिए उपाध्यक्ष के रूप में अपनी वर्तमान भूमिका में दुनिया के उस क्षेत्र में, जहाँ गरीब लोगों की सघनता है, विश्व बैंक के कार्य का नेतृत्व करेंगे जो वैश्विक गरीबी समाप्त करने और साझा समृद्धि को बढ़ावा देने के संस्थान के लक्ष्यों के लिए महत्वपूर्ण हैं। दक्षिण एशिया क्षेत्र में अफगानिस्तान, बांग्लादेश, भूटान, भारत, पाकिस्तान, मालदीव, नेपाल और श्रीलंका शामिल हैं। ली होउएरोउ युवा व्यावसायिक कार्यक्रम (यंग प्रॅफेशनल्स प्रोग्राम) के अंग के रूप में विश्व बैंक में आए थे तथा वे पूर्वी एशिया, लैटिन अमरीका, अफ्रीका और यूरोप एवं सेंट्रल एशिया क्षेत्रों में काम कर चुके हैं।

78 परियोजनाओं में जुलाई 2013 तक भारत में आइबीआरडी और आइडीए की कुल शुद्ध प्रतिबद्धता $22.3 अरब (आइबीआरडी $12.6, आइडीए $9.7 अरब) है।

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प्रेस विज्ञप्ति नं:
09/02/2013/SAR

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