प्रेस विज्ञप्ति

विश्व बैंक द्वारा भारत में पश्चिमी बंगाल में स्थानीय सेवाओं की डिलीवरी कारगर बनाने में सहायता

8 जून, 2010




वाशिंगटन, डी.सी., 8 जून 2010 – ग्राम पंचायतों द्वारा मुहैया कराने वाली सेवाओं की प्रभावकारिता में  सुधार करने के उद्देश्य से आईडीए द्वारा मुहैया कराए जाने वाले 20 करोड़ अमरीकी डॉलर के ऋण से भारत के राज्य पश्चिम बंगाल के ग्रामीण निर्धनों को निश्चित रूप से लाभ पहुंचेगा। ग्राम पंचायतें भारत में सरकार का सबसे निचला स्तर हैं। ‌

विश्व बैंक द्वारा आज स्वीकृत पश्चिम बंगाल ग्राम पंचायत संस्थागत सुदृढ़ीकरण परियोजना (‍वेस्ट बंगाल इंस्टीट्यूशनल स्ट्रेंग्थेनिंग ऑफ़ ग्राम पंचायत्स प्रोजेक्ट) का उद्देश्य राज्य में ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को सुदृढ़ करना, इनके द्वारा ग्रामीण और समीपवर्ती शहरी इलाकों में, जिनमें राज्य के अधिकतर निर्धन रहते हैं, सुलभ कराई जाने वाली सेवाओं तथा स्थानीय स्वशासन में सुधार करना है।

पिछले दशक के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार ने सेवाएं मुहैया कराने तथा शासन से संबंधित उत्तरदायित्वों और संसाधनों का विकेन्द्रीकरण कर इन्हें पंचायती राज संस्थाओं को सौंप दिया है। इन निकायों को दी जाने वाली कुल धनराशि में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और अब ग्राम पंचायतों को कुछ एक क्षेत्रों में कर्मियों की सीधी भर्ती करने का अधिकार है।

राज्य के 9 ज़िलों में 1,000 ग्राम पंचायतों को स्थानीय संरचना (स्ट्रक्चर) और सेवाएं मुहैया कराने से संबंधित कार्यों पर व्यय करने के लिए कार्य-प्रदर्शन पर आधारित वार्षिक ब्लॉक ग्रांट उपलब्ध कराने में इस परियोजना की मदद से ग्राम पंचायतों के पास मौजूद संसाधनों में पर्याप्त वृद्धि होगी। अनुदान पाने के लिए ग्राम पंचायतों से न्यूनतम आवश्यक परिस्थितियां पैदा करने तथा कामकाज की कसौटी नियत करने की अपेक्षा की जाएगी। प्रमुख कार्य क्षेत्र इस प्रकार हैं - नियोजन और बजट, परियोजना-कार्यान्वयन और सेवाओं की डिलीवरी, एकाउंटिंग, वित्तीय रिपोर्टिंग और लेखा-परीक्षण तथा भागीदारी, काम में खुलापन (ट्रांसपैरेंसी) और जवाबदेही।

विश्व बैंक के वरिष्ठ संस्थागत विकास विशेषज्ञ और परियोजना के टीम लीडर रॉलैंड वाइट ने कहा, ‘‘इस परियोजना का महत्त्वपूर्ण उद्देश्य ग्राम पंचायतों को सुदृढ़ करने सें सक्षम ब्लॉक ग्रांट (अनुदान) की व्यवस्था लागू करना और पूरे राज्य में स्थानीय स्वशासन और सेवाएं मुहैया कराने से संबंधित कामकाज के लिए प्रोत्साहन की व्यवस्था करना है। उद्देश्य यह है कि यह अनुदान, जिसकी शुरूआत परियोजना द्वारा की जा रही है, आगे चलकर संपूर्ण पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्वशासन के वित्तीय ढांचे का अभिन्न अंग बन जाएगा।’’

इस परियोजना से बुनियादी सेवाएं मुहैया कराने में ग्राम पंचायतों की संस्थागत क्षमता को मजबूत करने में मदद मिलेगी। यह मदद परियोजना से जुड़े लक्ष्य और कार्यप्रदर्शन संबंधी-सूचकांक अर्जित करने पर केन्द्रित होगी। यह कार्य राज्य में क्षमता का गठन करने वाले व्यापक ढांचे के अंतर्गत किया जाएगा, जिसमें नियोजन, वित्तीय प्रबंध और पर्यावरण तथा सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों का का सुदृढ़ीकरण और लेखा-परीक्षण से संबधित कामकाज शामिल है।

इंटरनेशनल डेवलपमेंट एसोसिएशन (आईडीए) द्वारा सुलभ कराया जाने वाला यह ऋण  35 वर्षों में देय होगा, जिसमें 10 वर्ष की ग्रेस अवधि भी शामिल है।

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प्रेस विज्ञप्ति नं:
2010/463/SAR

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