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प्रेस विज्ञप्ति

विश्व बैंक ने भारत में राजमार्ग विकास को प्रोत्साहन देने के लिए 50 करोड़ डॉलर मंजूर किए

29 अक्टूबर, 2013



करीब 1,120 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग का सुधार किया जाएगा

 वाशिंगटन, 29 अक्तबूर, 2013 - विश्व बैंक ने आर्थिक रूप से पिछड़े और दूरदराज क्षेत्रों तक राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क की संयोजकता (कनेक्टिविटी) में सुधार के उद्देश्य से राष्ट्रीय राजमार्ग संयोजकता सुधार परियोजना (नेशनल हाईवे इंटरकनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट) के लिए आज 50 करोड़ डॉलर का ऋण स्वीकृत किया।

इस परियोजना के अन्तर्गत कम आय वाले तीन राज्यों : राजस्थान, बिहार, और ओडिशा पर तथा कम विकसित राज्य : कर्नाटक एवं पश्चिम बंगाल पर ध्यान दिया जाएगा। हाल के वर्षों में दूरदराज और आर्थिक रूप से पिछड़े ऐसे क्षेत्रों में परिवहन संपर्क सुधारने के महत्व पर अधिक ध्यान दिया जा रहा है जो राष्ट्रीय राजमार्ग विकास कार्यक्रम के अन्तर्गत नहीं आते। विकास के लिए करीब 43% प्राथमिक राजमार्ग नेटवर्क की पहचान की गई है जिसे नॉन-एनएचडीपी नेटवर्क के रूप में भी जाना जाता है। नॉन-एनएचडीपी नेटवर्क के अधिकांश भाग को सुदृढ़ करने और सुधार की आवश्यकता है तथा यह संयोजकता (कनेक्टिविटी) के अंतर से जूझ रहा है। इन सड़कों का बड़ा भाग मध्यवर्ती या सिंगल लेन राजमार्ग हैं तथा यात्रा स्थिती खराब हैं।

इस अवसर पर भारत के लिए विश्व बैंक के देश निदेशक (कंट्री डाइरेक्टर) ओन्नो रुह्ल ने कहा, ” पिछले कुछ वर्षों में भारत के मुख्य राजमार्ग नेटवर्क में महत्वपूर्ण सुधार हुआ है। हालांकि 40% से अधिक नेटवर्क संयोजकता (कनेक्टिविटी) के बड़े अंतर से जूझ रहा है तथा इसके लिए बेहतर रख-रखाव और सुधार की आवश्यकता है। यह सड़कें अक्सर प्राथमिक या अनेक दूरदराज एवं आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों के लिए एकमात्र परिवहन लिंक के रूप में काम करती हैं। बेहतर संयोजकता (कनेक्टिविटी) और प्रभावशाली संस्था उपलब्ध कराने के द्वारा इस परियोजना से राज्यों को अधिक गति से सामाजिक एवं आर्थिक लाभ प्राप्त होने में सहायता मिलेगी।

राष्ट्रीय राजमार्ग संयोजकता सुधार परियोजना (नेशनल हाईवे इंटरकनेक्टिविटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट) को आज स्वीकृति दी गई। इससे बिहार, ओडिशा, और राजस्थान में तथा कर्नाटक एवं पश्चिम बंगाल के कम विकसित क्षेत्रों में वर्तमान करीब 1,120 किलोमीटर सिंगल/ मध्यवर्ती लेन राष्ट्रीय राजमार्ग को दो लेन के रूप में सुधार और चौड़ा करने में सहायता मिलेगी। परियोजना के अन्य प्रमुख घटकों में राजमार्ग नेटवर्क के बेहतर प्रबंधन के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की सांस्थानिक क्षमता को बढ़ाना शामिल है।

सड़क सुरक्षा देश में आज महत्वपूर्ण मुद्दा है। इस बात को मानते हुए इस परियोजना के अन्तर्गत देश में सड़क दुर्घटनाओं से मृत्यु और गंभीर रूप से घायल होने के मामलों में कमी करने के उद्देश्य के साथ सड़क सुरक्षा प्रबंधन प्रणाली को मजबूती मिलेगी। ओन्नो रुह्ल ने कहा, ”भारत में सड़क सुरक्षा चिंता का प्रमुख कारण बनी हुई है। यूरोपीय संघ की तुलना में भारत में सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर दस गुणा अधिक है तथा इस से वार्षिक आधार पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की अनुमानित 3% लागत आती है। इस परियोजना के अन्तर्गत क्षमता मजबूत करने, आँकड़े संग्रह एवं प्रशिक्षण में सुधार के जरिए सड़क सुरक्षा पर ध्यान दिया जाएगा।

इस परियोजना के अन्तर्गत परियोजना राज्यों में सड़क दुर्घटना डाटाबेस मेनेजमैंट सिस्टम (आरएडीएमएस) के कार्यान्वयन के द्वारा केंद्रीय और राज्य स्तरों पर सड़क दुर्घटना आँकड़े संग्रह एवं विश्लेषण में सुधार, केंद्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा क्षमता को सुदृढ़ बनाने तथा प्रशिक्षण पर ध्यान दिया जाएगा।

वरिष्ठ परिवहन विशेषज्ञ और परियोजना के कार्य टीम लीडर प्रताप टीविग्स्शर्क ने कहा, “यह परियोजना संयोजकता (कनेक्टिविटी) की बाधाओं को दूर करके परियोजना क्षेत्र में स्थानीय और राष्ट्रीय दोनों स्तरों पर आर्थिक वृद्धि में योगदान देगी। इसके अन्तर्गत नॉन-एनएचडीपी नेटवर्क में प्राथमिकता राजमार्ग विकसित होंगे, अनेक अनुबंधीय एवं सांस्थानिक सुधार के उपाय लागू होंगे और प्रक्रिया सुधार, नेटवर्क निगरानी एवं प्रबंधन के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जाएंग तथा मानको एवं विशेषताओं को उन्नत बनाया जाएगा और सड़क सुरक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाएगा।

समग्र रूप से इस परियोजना से सड़क उपयोग करने वालों को राजमार्ग एवं परिवहन सेवाओं तक पहुंच सुगम बनाने में सहायता मिलेगी तथा यात्रा समय एवं परिवहन लागत में बचत होगी। परियोजना के अन्य संभावित परिणामों में आर्थिक अवसरों की संख्या में वृद्धि, बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा के उच्च स्तर तक बेहतर पहुंच और सड़क सुरक्षा में सुधार शामिल हैं।

अंतर्राष्ट्रीय पुनर्निर्माण एवं विकास बैंक (आइबीआरडी) का यह ऋण 5 वर्ष की छूट अवधि का है और परिपक्वता समय 18 वर्ष है। 

मीडिया संपर्क
भारत
नंदिता रॉय
टेलिफ़ोन: 91-11-41479220
nroy@worldbank.org
वाशिंगटन
गैब्रिएला ऐगुइलर
gaguilar2@worldbank.org


प्रेस विज्ञप्ति नं:
2014/155/SAR

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