प्रेस विज्ञप्ति

वर्ष 2020 तक 10 करोड़ घरों में खाना पकाने के स्‍वच्‍छ उपाय लाने की नई भागीदारी

21 नवम्बर, 2014


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न्‍यूयार्क सिटी, 21 नवंबर, 2014—विश्‍व बैंक समूह और ग्‍लोबल एलायंस फॉर क्‍लीन कुकस्‍टोव्‍स के बीच हुई एक प्रमुख नई भागीदारी से ऐसे 10 करोड़ घरों में खाना पकाने के स्‍वच्‍छ उपाय अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा जो अभी भी खाना पकाने के लिए अक्षम चूल्‍हे और ठोस ईंधन का उपयोग करते हैं।

न्‍यूयार्क में कुकस्‍टोव्‍स फ्यूचर समिट में आज नई, पंचवर्षीय खाना पकाने और गर्मी पाने की प्रभावी स्‍वच्‍छ भागीदारी की घोषणा की गई — जिसमें खाना पकाने के स्‍वच्‍छ उपाय अपनाने और पुराने ढंग से खाना पकाने पर होने वाला घरेलू वायु प्रदूषण समाप्‍त करने के काम को गति देने की नई कोशिशों पर पूरे अंतर्राष्‍ट्रीय समुदाय के नेताओं ने ध्‍यान केंद्रित किया। यह भागीदारी उन घरेलू कार्यक्रमों को सहयोग देगी जिन्‍हें ग्‍लोबल एलायंस फॉर क्‍लीन कुकस्‍टोव्‍स (एलायंस) और विश्‍व बैंक समूह ने पूरा करने की जिम्‍मेदारी ली है और इनका प्रबंधन विश्‍व बैंक के एनर्जी सेक्‍टर मैनेजमेंट असिस्‍टेंस प्रोग्राम (ईएसएमएपी) द्वारा किया जाएगा।

विश्व बैंक के एनर्जी एंड एक्‍सट्रेक्टिव्‍स ग्‍लोबल प्रैक्टिस की सीनियर डायरेक्‍टर, कु. अनीता जॉर्ज ने कहा, ''यह नया प्रयास विश्‍व बैंक समूह, एलायंस और हमारे भागीदारों के कई वर्षों के ज्ञान और अनुभव के आधार पर तैयार किया गया है। हम मुश्किल मामलों पर अपने प्रयास और संसाधन लगाएंगे: बेहतर टेक्‍नोलॉजी, खर्च उठाने की बेहतर क्षमता, आपूर्ति श्रंखला का विकास और उपभोक्‍ता व्‍यवहार।''  

पूरी दुनिया में, 310 करोड़ लोग खाना पकाने के लिए बेकार किस्‍म के चूल्‍हे और पारंपरिक जैव ईंधन का उपयोग करते हैं। वायु प्रदूषण से होने वाली बीमारी के बोझ के अलावा, विकासशील देशों में खाने पकाने के पारंपरिक तरीके में काफी आर्थिक लागत भी आती है जिसके साथ खराब गुणवत्ता के ईंधन पर धन खर्च होना और ईंधन एकत्र करने में समय की बर्बादी भी शामिल है। उन्‍नत चूल्‍हों व ईंधन के लिए बाजार व वितरण की खराब व्‍यवस्‍था के साथ-साथ उपभोक्‍ताओं की इनके बारे में कम समझ होने से, अक्‍सर इस परिदृश्‍य को बदलने की कोशिशें नाकाम होती रही हैं।

नई भागीदारी - जिसके लिए विश्‍व बैंक ने 6 करोड़ अमेरिकी डॉलर देने का वादा किया है - को ग्‍लोबल एलायंस फॉर क्‍लीन कुकस्‍टोव्‍स के उस लक्ष्‍य को पूरा करने के लिए निर्मित किया है जिसमें वर्ष 2020 तक 10 करोड़ घरों को स्‍वच्‍छ और सक्षम चूल्‍हे व ईंधन अपनाने के लक्ष्‍य के साथ-साथ वर्ष 2030 तक आधुनिक ऊर्जा सेवाओं तक वैश्विक पहुंच प्रदान करने के वैश्विक लक्ष्‍य - सभी के लिए चिरस्‍थायी ऊर्जा (सस्‍टेनेबल एनर्जी फॉर ऑल) को सहयोग देना भी तय किया गया है।    

यह काम तीन स्‍तरों पर किया जाएगा: 1) देशों में, खाना पकाने की अधिक स्‍वच्‍छ तकनीकों के लिए बेहतर राष्‍ट्रीय नीतियों, मानकों और जांच के माध्‍यम से; 2) आपूर्ति श्रंखला में, निर्माताओं व वितरकों को तकनीकी जानकारी प्रदान करके; और 3) उपभोक्‍ताओं के बीच, खाना पकाने के स्‍वच्‍छ तरीके के फायदों के बारे में जागरूकता उत्‍पन्‍न करके और शिक्षा देकर। यह रेखांकित करने के‍ लिए कि खाना पकाने की स्‍वच्‍छ तकनीकों में से कौन-सी श्रंखला सर्वाधिक लोकप्रिय है, डेटा एकत्र करने की नई रिमोट तकनीकों का उपयोग किया जाएगा और इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि आवश्‍यकता के अनुसार कार्यक्रमों को निरंतर निगरानी की जाती है और इन्‍हें बेहतर किया जाता है।

ग्‍लोबल एलायंस फॉर क्‍लीन कुकस्‍टोव्‍स की एक्‍ज़ीक्‍यूटिव डायरेक्‍टर, राधा मुथिया ने कहा, ''इस भागीदारी से उस निरंतर सहयोग को औपचारिक रूप मिलता है जो विश्‍व बैंक और एलायंस के बीच कुछ समय से चल रहा है और इससे बाजार-केंद्रित नज़रिया अपनाने की अहमियत को स्‍वीकृति मिलती है। कुल मिलाकर, हमारे काम से इस क्षेत्र के उद्यमियों के विकास को मदद मिलेगी, अधिक स्‍वच्‍छ चूल्‍हे व ईंधन बड़े पैमाने पर उपलब्‍ध होंगे और मानकों व जांच प्रक्रियाओं का आगे विकास किया जाएगा ताकि दानकर्ताओं, निवेशकों और उपभोक्‍ताओं को एकमान तरीके से अधिक निश्चितता प्रदान की जा सके।''

इस भागीदारी में एक मुख्‍य भूमिका आईएफ़सी (अंतर्राष्‍ट्रीय वित्त निगम) द्वारा निभाई जाएगी जो विश्‍व बैंक समूह का ऐसा सदस्‍य है जो निजी क्षेत्र पर केंद्रित है। आईएफ़सी द्वारा निवेश और परियोजना विकास के माध्‍यम निर्मित किये जाएंगे और उन्‍हें सहयोग दिया जाएगा जिनसे इस क्षेत्र को विकसित करने में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाई जा सकती है और इस स्‍थान में निजी क्षेत्र का अधिक निवेश लाया जा सकता है।

इस आरंभिक चरण में, यह भागीदारी एलायंस के आठ फोकस देशों सहित उन 12 देशों में गतिविधियों को सहयोग देगा जहाँ विश्‍व बैंक समूह और एलायंस खाना पकाने के स्‍वच्‍छ उपायों के कार्यक्रम में सक्रिय है - बांग्‍लादेश, चीन, घाना, ग्‍वातेमाला, केन्‍या, भारत, नाइजीरिया और यूगांडा।

राष्‍ट्रीय सरकारों, नागरिक समाजों, शैक्षिक जगत, संयुक्‍त राष्‍ट्र संघ की एजेंसियों, निवेशकों और निजी क्षेत्र की कंपनियों सहित, वर्ष 2010 में आरंभ किये गये एलायंस के दुनिया-भर में 1000 से अधिक सहयोगी हैं। इसकी उपलब्धियों में स्‍वास्‍थ्‍य, पर्यावरण, लिंग और आजीविका पर खाना पकाने के स्‍वच्‍छ उपयों के प्रभाव के साक्ष्‍य आधार तैयार करने के लिए अभूतपूर्व शोध करना; और राष्‍ट्रीय नीतियों को गति देने और सुगमता, स्‍वास्‍थ्‍य व पर्यावरण के क्षेत्र में सुधार हासिल करने के मकसद से खाना पकाने के किफायती उपायों की पहचान करने के लिए मुख्‍य देशों में सरकारों के साथ काम करना शामिल हैं।     

पूर्वी एशिया, दक्षिण एशिया, सब-सहारा अफ्रीका और मध्‍य अमेरिका में लगातार चलने वाली अपनी संलग्‍नताओं के साथ, अपने ग्राहक देशों में खाना पकाने के स्वच्‍छ उपायों का पैमाना बढ़ाने के काम में विश्‍व बैंक समूह का 20 वर्षों से अधिक का अनुभव है। इसमें अफ्रीका क्‍लीन कुकिंग एनर्जी सॉल्‍युशंस प्रोग्राम, ईस्‍ट अफ्रीका एंड पेसिफिक क्‍लीन स्‍टोव इनिशिएटिव और सेंट्रल अमेरिका क्‍लीन कुकिंग इनिशिएटिव भी शामिल हैं।


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प्रेस विज्ञप्ति नं:
2015/211/EAE

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