प्रेस विज्ञप्ति11 फ़रवरी, 2026

भारत: विश्व बैंक ने हिमाचल प्रदेश को चरम मौसम की घटनाओं के प्रबंधन में सहायता देने की मंजूरी दी है, जिससे 23 लाख लोग लाभान्वित होंगे

The World Bank

फोटो क्रेडिट: एडोब स्टॉक

वाशिंगटन, 10 फरवरी, 2026 — विश्व बैंक के कार्यपालक  निदेशक मंडल ने आज भारत के  हिमाचल प्रदेश राज्‍य में 23 लाख लोगों को अधिक मजबूत बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण में मदद करने और सामुदायिक स्वामित्व वाली फर्मों को अधिक विश्वसनीय नौकरियों में निवेश करने में सक्षम बनाने के लिए वित्तपोषण को मंजूरी दी है ।

हिमाचल प्रदेश पिछले तीन वर्षों में चरम मौसम संबंधी घटनाओं से प्रभावित रहा है, जिसके परिणामस्वरूप अनुमानित 1 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है। 2023 और 2025 के मानसून के मौसम में भारी बारिश के कारण जानमाल का नुकसान हुआ, घरों और बुनियादी ढांचे को व्यापक क्षति पहुंची और स्कूलों, बाजारों और नौकरियों तक पहुंच सीमित हो गई। जल आपूर्ति और स्वच्छता सेवाओं में व्यवधान ने कृषि और बागवानी उत्पादन को भी प्रभावित किया है।

हिमाचल प्रदेश में विकास और आपदा से उबरने के लिए संकट प्रतिरोधी कार्रवाई परियोजना (245 मिलियन डॉलर) राज्य के आपदा-पश्चात पुनर्निर्माण प्रयासों में सहयोग करेगी और अनुकूल  बुनियादी ढांचे की बेहतर योजना और डिजाइन के माध्यम से भविष्य में आपदाओं के प्रभावों को कम करने में मदद करेगी।दस लाख से अधिक महिलाओं को आवश्यक सेवाओं तक बेहतर पहुंच और कृषि, स्थानीय हस्तशिल्प और ग्रामीण पर्यटन क्षेत्रों में बेहतर आजीविका के अवसरों से लाभ होगा। सामुदायिक स्वामित्व वाले व्यवसायों में निवेश से 12,000 लोगों को नए या बेहतर रोजगार मिलेंगे और कारीगरों, उत्पादकों और किसानों के लिए नए बाजार संबंध बनेंगे।

विश्व बैंक भारत  के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि  "स्मार्ट विकास जो लचीलापन (सहनशक्ति) बनाता है और नौकरियों का सृजन करता है, चरम मौसम की घटनाओं के बावजूद देशों को दीर्घकालिक विकास हासिल करने में मदद कर सकता है। उन्‍होंने  आगे कहा कि “लोगों को अवसरों से जोड़ने वाले मजबूत बुनियादी ढांचे में निवेश करके, यह परियोजना हिमाचल प्रदेश को बेहतर पुनर्निर्माण में मदद करेगी। साथ ही, यह आपदा जोखिम वित्तपोषण और बीमा समाधानों के लिए 100 मिलियन डॉलर की निजी पूंजी एकत्रित करेगी।”

फ्रांसीसी विकास एजेंसी (एजेंसी फ्रांसेज़ डे डेवलपमेंट) के साथ साझेदारी में, यह परियोजना प्रारंभिक चेतावनी प्रणालियों को मजबूत करने में मदद करेगी। आपदा प्रतिरोधी अवसंरचना गठबंधन (सीडीआरआई) टिकाऊ अवसंरचना के पुनर्निर्माण के लिए वैश्विक ज्ञान तक पहुंच बनाने में परियोजना की सहायता करेगा - जिसमें 250 से अधिक पुलों, सड़कों और पैदल पुलों का पुनर्निर्माण शामिल है - जिससे दस लाख से अधिक लोगों को लाभ होगा।

परियोजना के कार्य दल के प्रमुख अनुप करंथ और मेलानी एस. कप्पेस ने कहा कि “यह परियोजना ढलानों को स्थिर करके, परिवहन, ऊर्जा, जल और स्वच्छता प्रणालियों को बहाल करके, उन्हें उच्च स्तर की मजबूती प्रदान करके  आज की बहाली (रिकवरी) और कल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के बारे में है।” उन्‍होंने आगे कहा कि  “खतरे और जोखिम विश्लेषण, और मजबूती प्रदान करने वाली इकाइयों की स्थापना के माध्यम से, यह परियोजना समुदायों को जोड़ेगी, आजीविका की रक्षा करेगी और भविष्य में आपदाओं के प्रभावों को कम करेगी।”

 245 मिलियन डॉलर की इस परियोजना की अंतिम परिपक्वता अवधि 16 वर्ष है, जिसमें 3.5 वर्ष की छूट अवधि भी शामिल है।

 

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