वाशिंगटन, 13 जनवरी, 2026— विश्व बैंक के कार्यपालक निदेशक बोर्ड ने आज भारतीय राज्य असम को भाीषण मौसम की घटनाओं के प्रति अनुकूलता बढ़ाने, शासन प्रबंधन और सेवा वितरण में सुधार करने तथा 40 लाख से अधिक छात्रों को कार्यबल में सफल होने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करने में मदद करने के लिए तीन परियोजनाओं को मंजूरी दी।
भारत के उत्तरपूर्वी भाग में स्थित असम, दक्षिणपूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूप में अपनी अनूठी स्थिति के कारण क्षेत्रीय व्यापार और एकीकरण के लिए रणनीतिक संपर्क प्रदान करता है। साथ ही, असम को जलवायु परिवर्तन की संवेदनशीलता, अपर्याप्त बुनियादी ढांचे और बहुआयामी गरीबी जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, जो समावेशी विकास में बाधा डालती हैं।
विश्व बैंक इंडिया के कार्यवाहक कंट्री डायरेक्टर पॉल प्रोसी ने कहा कि “स्मार्ट विकास से समुदायों की भीषण मौसम की घटनाओं से निपटने की क्षमता बढ़ती है। अच्छी तरह से निर्मित सड़कें और स्कूल शिक्षा को निर्बाध बनाए रखते हैं, और लोगों को बाजारों तक पहुंचने और आय बढ़ाने में मदद करते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि "असम में निवेश करके और सुप्रचालन तंत्र , जलवायु-अनुकूलित बुनियादी ढांचे और मानव पूंजी में सुधार करके, ये परियोजनाएं निजी क्षेत्र के विकास को गति दे सकती हैं, क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं को बढ़ा सकती हैं और उच्च क्षमता वाले लेकिन उपेक्षित क्षेत्र में दीर्घकालिक समृद्धि को बढ़ावा दे सकती हैं।"
असम आपदा प्रतिरोधी पहाड़ी सड़क विकास परियोजना (350 मिलियन डॉलर) जलवायु परिवर्तन से सुरक्षित सड़कों के निर्माण में मदद करेगी, विशेष रूप से पहाड़ी क्षेत्रों में, और आदिवासी और ग्रामीण समुदायों के लगभग 190,000 लोगों के लिए यात्रा समय को कम करेगी। यह परियोजना राज्य के उत्तरपूर्वी क्षेत्र में बेहतर परिवहन और लॉजिस्टिक्स हब के माध्यम से कनेक्टिविटी में सुधार करेगी, जिनमें ट्रक बे, कंटेनर बे, टैक्सी और बस बे और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग पॉइंट होंगे।
परियोजना के कार्य दल के प्रमुख टेसफामिकेल मितिकु, इगुनीवारी एकेउ-वेई और विजेता बेज़म ने कहा कि “असम में चलने लायक सड़कों की कमी हर मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बाज़ारों और प्रौद्योगिकी तक पहुँच को सीमित करती है,” उन्होंने आगे कहा कि “यह परियोजना बेहतर सड़कों और सेवाओं के माध्यम से 50,000 से अधिक युवाओं को रोज़गार प्राप्त करने में मदद करेगी।”
असम: स्कूल शिक्षा और किशोर कल्याण परियोजना (250 मिलियन डॉलर) राज्य भर में 20 लाख से अधिक प्राथमिक विद्यालय के छात्रों के लिए सीखने के परिणामों में सुधार करने में मदद करेगी और 10 से 19 वर्ष की आयु के अन्य 20 लाख किशोरों को जीवन कौशल प्रशिक्षण और बहुभाषी कक्षाओं सहित उन्नत पाठ्यक्रम के साथ नौकरियों के लिए तैयार करेगी।
परियोजना के कार्य दल के प्रमुख मेघना शर्मा और प्रवेश कुमार ने कहा कि “शिक्षा के प्रत्येक चरण में सेवाओं की निरंतरता मूलभूत कौशल विकसित करती है और युवाओं को रोजगार और आजीविका के लिए तैयार करती है,” उन्होंने आगे कहा कि “यह परियोजना जलवायु परिवर्तन के प्रति अधिक संवेदनशील स्कूलों के निर्माण और सुधार में सहयोग करेगी ताकि छात्रों के लिए अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी सुनिश्चित हो सके और उन्हें कार्यबल में प्रवेश के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।”
असम शासन और सेवा वितरण कार्यक्रम (80 मिलियन डॉलर) सार्वजनिक संसाधनों के आवंटन और व्यय, लोगों और व्यवसायों दोनों को प्रशासनिक सेवाओं के वितरण और असम में डेटा पारिस्थितिकी तंत्र सहित सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन को मजबूत करने में मदद करेगा।