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संजय पहूजा

वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ, दक्षिण एशिया

संजय पहूजा विश्व बैंक की जल संसाधन एवं जलवायु परिवर्तन इकाई, दक्षिणी एशिया पर्यावरण के साथ वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ के तौर पर कार्य करते हैं। वर्तमान में संजय विश्व बैंक की $1-5 अरब की वित्त पोषित राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन परियोजना का नेतृत्व करते हैं जोकि भारत को प्रतिष्ठित गंगा को साफ करने के नए सिरे से किए गए प्रयास को सहयोग प्रदान करती है। भारत के तेजी से घट रहे भूजल संसाधनों पर किए गए अध्ययन के वह मुख्य लेखक थे। इस अध्ययन ने भारत की हार्ड रॉक एक्युफायर्स में समुदाय की सामूहिक कार्यवाही द्वारा भूजल प्रबंधन में विश्व में पहली बार बड़े पैमाने पर सफलता अर्जित कर ध्यान आकर्षित किया।

वर्ष 2004 में विश्व बैंक को ज्वाइन कर, श्रीमान संजय ने भारत, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में अनेकों अध्ययनों एवं परिचालनों पर कार्य किया है। उनका कार्य जल संसाधन प्रबंधन एवं इमारत जल संस्थान (उदाहरण के लिए अफगानिस्तान में काबुल नदी पर किए गए कार्य देखें - यहां लिंक प्रदार करें) से सम्बन्धित मुद्दों से निपटने और ग्रेटर हिमालय नदियों पर क्षेत्रीय जल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सुअवसरों एवं चैनलों को सृजित
करने में रहा है। 

श्रीमान संजय ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पर्यावरण विज्ञान में डॉक्टर की उपाधि, और इकोले पॉलीटेक्निक फेडरल लाज़ेन से डिप्लोमा प्राप्त किया। विश्व बैंक को ज्वाइन करने से पहले, संजय ने उत्तरी अमेरीका और विश्वभर में जल और पर्यावरण प्रबंधन परियोजनाओं पर सेन फ्रांसिको बे एरिया में स्थित CH2MHILL के साथ जल संसाधन विशेषज्ञ के तौर पर बड़े पैमाने पर कार्य किया। संजय पहूजा विश्व बैंक की जल संसाधन एवं जलवायु परिवर्तन इकाई, दक्षिणी एशिया पर्यावरण के साथ वरिष्ठ जल संसाधन विशेषज्ञ के तौर पर कार्य करते हैं। वर्तमान में संजय विश्व बैंक की $1-5 अरब की वित्त पोषित राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन परियोजना का नेतृत्व करते हैं जोकि भारत को प्रतिष्ठित गंगा को साफ करने के नए सिरे से किए गए प्रयास को सहयोग प्रदान करती है। भारत के तेजी से घट रहे भूजल संसाधनों पर किए गए अध्ययन के वह मुख्य लेखक थे। इस अध्ययन ने भारत की हार्ड रॉक एक्युफायर्स में समुदाय की सामूहिक कार्यवाही द्वारा भूजल प्रबंधन में विश्व में पहली बार बड़े पैमाने पर सफलता अर्जित कर ध्यान आकर्षित किया।

वर्ष 2004 में विश्व बैंक को ज्वाइन कर, श्रीमान संजय ने भारत, अफगानिस्तान और बंग्लादेश में अनेकों अध्ययनों एवं परिचालनों पर कार्य किया है। उनका कार्य जल संसाधन प्रबंधन एवं इमारत जल संस्थान (उदाहरण के लिए अफगानिस्तान में काबुल नदी पर किए गए कार्य देखें - यहां लिंक प्रदार करें) से सम्बन्धित मुद्दों से निपटने और ग्रेटर हिमालय नदियों पर क्षेत्रीय जल सहयोग को बढ़ावा देने के लिए सुअवसरों एवं चैनलों को सृजित
करने में रहा है। 

श्रीमान संजय ने मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पर्यावरण विज्ञान में डॉक्टर की उपाधि, और इकोले पॉलीटेक्निक फेडरल लाज़ेन से डिप्लोमा प्राप्त किया। विश्व बैंक को ज्वाइन करने से पहले, संजय ने उत्तरी अमेरीका और विश्वभर में जल और पर्यावरण प्रबंधन परियोजनाओं पर सेन फ्रांसिको बे एरिया में स्थित CH2MHILL के साथ जल संसाधन विशेषज्ञ के तौर पर बड़े पैमाने पर कार्य किया।
विशेषज्ञता के क्षेत्र
  • जल
  • वातावरण